समास का परिचय एवं विग्रह
"समास की परिभाषा, पद-प्रधानता और तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व तथा बहुव्रीहि समास का विग्रह।"
A Today you'll learn
- दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से संक्षिप्त शब्द बनाने की प्रक्रिया को "समास" के रूप में समझना।
- प्रमुख समासों (तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व) की पहचान करना।
- समस्त पद का सही समास-विग्रह करना और समास का नाम बताना।
B Let's understand
दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से नया सार्थक संक्षिप्त शब्द बनाने की विधि को "समास" कहते हैं। समास द्वारा बने नए शब्द को "समस्त पद" या "सामासिक पद" कहा जाता है, और जब उन शब्दों को अलग-अलग करके उनके बीच का संबंध स्पष्ट किया जाता है, तो उसे "समास-विग्रह" कहते हैं। मुख्य भेद: 1) तत्पुरुष समास: इसमें दूसरा पद (उत्तर पद) प्रधान होता है और दोनों पदों के बीच कारक चिह्नों (का, के, की, में, पर, से) का लोप होता है (जैसे—राजपुत्र = राजा का पुत्र; देशप्रेम = देश के लिए प्रेम)। 2) कर्मधारय समास: इसमें पहला पद विशेषण और दूसरा विशेष्य होता है, या उपमान-उपमेय का संबंध होता है (जैसे—नीलकमल = नीला है जो कमल; चंद्रमुख = चंद्रमा के समान मुख)। 3) द्विगु समास: इसमें पहला पद संख्यावाचक विशेषण होता है और यह समूह का बोध कराता है (जैसे—चौराहा = चार राहों का समूह; तिरंगा = तीन रंगों का समाहार)। 4) द्वंद्व समास: इसमें दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं और विग्रह करने पर ‘और’, ‘या’ लगता है (जैसे—माता-पिता = माता और पिता; दिन-रात = दिन और रात)।
C See it step by step
- चरण 1: चौराहा -> विग्रह: "चार राहों का समूह"। पहला पद संख्या (चार) है -> द्विगु समास।
- चरण 2: गंगाजल -> विग्रह: "गंगा का जल"। संबंध कारक चिह्न ‘का’ का लोप है -> तत्पुरुष समास।
- चरण 1: नीलकंठ -> "नीला है जो कंठ" (कर्मधारय समास, विशेषण + विशेष्य)।
- चरण 2: माता-पिता -> "माता और पिता" (द्वंद्व समास, दोनों पद प्रधान)।
D Your turn
E Ready to practise?
Key idea 1
परस्पर संबंध रखने वाले दो या दो से अधिक शब्दों के मेल को समास कहते हैं।
Key idea 2
समास से बने शब्द को समस्त पद कहते हैं; अलग करने को समास-विग्रह कहते हैं।
Key idea 3
तत्पुरुष समास में कारक चिह्नों का लोप होता है और उत्तर पद प्रधान होता है।
Key idea 4
द्विगु समास में पहला पद संख्यावाचक विशेषण होता है।
Key idea 5
द्वंद्व समास में दोनों पद प्रधान होते हैं और बीच में ‘और’ या योजक चिह्न (-) लगता है।
