मुहावरे और लोकोक्तियाँ: अर्थ और वाक्य-प्रयोग
"प्रसिद्ध मुहावरों और लोकोक्तियों के सूक्ष्म अर्थ समझना तथा उनका दैनिक भाषा और निबंधों में प्रभावशाली प्रयोग।"
A Today you'll learn
- मुहावरे और लोकोक्ति (कहावत) के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझना।
- महत्त्वपूर्ण मुहावरों और लोकोक्तियों के सूक्ष्म अर्थ और संदर्भ को जानना।
- दैनिक वार्तालाप और निबंध लेखन में मुहावरों का सटीक वाक्य-प्रयोग करना।
B Let's understand
मुहावरा भाषा में अपने सामान्य (अभिधा) अर्थ को छोड़कर विशेष (लाक्षणिक) अर्थ देने वाला वाक्यांश होता है। मुहावरा स्वतंत्र वाक्य नहीं होता, बल्कि वाक्य का एक अंश (अंग) होता है और लिंग, वचन, कारक के अनुसार क्रिया में बदलता है (जैसे—‘आँखें खुलना’ = होश आना / वास्तविकता का ज्ञान होना)। लोकोक्ति (लोक + उक्ति) समाज में लंबे अनुभव के बाद बनी लोक-प्रसिद्ध कहावत होती है। यह अपने आप में एक पूर्ण, स्वतंत्र वाक्य होती है जिसका रूप कभी नहीं बदलता (जैसे—‘नाच न जाने आँगन टेढ़ा’ = अपनी कमी छिपाने के लिए दूसरों में दोष निकालना)। इनके प्रयोग से भाषा सजीव, चुटीली, प्रभावशाली और प्रभावशाली बनती है।
C See it step by step
- चरण 1: अर्थ: बुरी तरह हराना / पराजित करना।
- चरण 2: वाक्य: "भारतीय सैनिकों ने युद्ध में शत्रु सेना के दाँत खट्टे कर दिए।"
- चरण 1: अर्थ: कम ज्ञान या योग्यता वाला व्यक्ति बहुत अधिक दिखावा और डींगें हाँकता है।
- चरण 2: वाक्य: "सुमित को कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान भी नहीं है, पर वह खुद को इंजीनियर बताता है; सच ही कहा है—अधजल गगरी छलकत जाए।"
D Your turn
E Ready to practise?
Key idea 1
मुहावरा एक वाक्यांश होता है जो वाक्य में मिलकर प्रयुक्त होता है।
Key idea 2
लोकोक्ति एक पूर्ण वाक्य होती है जो समाज के अनुभवों पर आधारित कहावत है।
मुहावरे का रूप वाक्य के अनुसार बदलता है
मुहावरे का रूप वाक्य के अनुसार बदलता है, जबकि लोकोक्ति का रूप स्थिर रहता है।
मुहावरों के प्रयोग से भाषा रोचक
मुहावरों के प्रयोग से भाषा रोचक, प्रभावशाली और समृद्ध बनती है।
Key idea 5
हमेशा मुहावरे के लाक्षणिक अर्थ के आधार पर ही सार्थक वाक्य बनाना चाहिए।
