अलंकार: अनुप्रास, उपमा और रूपक
"काव्य के सौंदर्य तत्व अलंकार (अनुप्रास, उपमा, रूपक) की पहचान और उदाहरण समझना।"
A Today you'll learn
- काव्य के सौंदर्य को बढ़ाने वाले तत्व "अलंकार" का अर्थ और महत्त्व समझना।
- शब्दालंकार (अनुप्रास) और अर्थालंकार (उपमा, रूपक) की पहचान करना।
- काव्य पंक्तियों में अलंकारों को पहचानकर उनका स्पष्टीकरण लिखना।
B Let's understand
‘अलंकार’ का शाब्दिक अर्थ है "आभूषण" या "गहना"। जिस प्रकार आभूषण पहनने से शरीर की सुंदरता बढ़ती है, उसी प्रकार काव्य में अलंकारों के प्रयोग से भाषा में सुंदरता, चमत्कार और प्रभाव उत्पन्न होता है। अलंकार दो प्रकार के होते हैं: शब्दालंकार (शब्दों के माध्यम से चमत्कार) और अर्थालंकार (अर्थ के माध्यम से चमत्कार)। कक्षा 5 के लिए तीन प्रमुख अलंकार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं: 1) अनुप्रास अलंकार: जहाँ एक ही वर्ण (अक्षर) की आवृत्ति बार-बार होती है (जैसे—"तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए" में ‘त’ वर्ण की आवृत्ति; "चारु चंद्र की चंचल किरणें" में ‘च’ वर्ण की आवृत्ति)। 2) उपमा अलंकार: जहाँ किसी वस्तु की तुलना किसी अत्यधिक प्रसिद्ध वस्तु से गुण, रूप या धर्म के आधार पर की जाती है। इसमें सा, सी, से, सम, सरिस जैसे वाचक शब्द आते हैं (जैसे—"हरिपद कोमल कमल से" - भगवान के पैर कमल के समान कोमल हैं)। 3) रूपक अलंकार: जहाँ अत्यधिक समानता के कारण उपमेय में उपमान का सीधा आरोप कर दिया जाता है (जैसे—"मैया मैं तो चंद्र-खिलौना लैहों" - खिलौने को चंद्रमा के समान न कहकर सीधा चंद्रमा रूपी खिलौना कहा गया है; "चरन-कमल बंदौ हरि राई")।
C See it step by step
- चरण 1: पंक्ति में ‘र’ वर्ण की आवृत्ति (रघुपति, राघव, राजा, राम) बार-बार हुई है।
- चरण 2: एक ही वर्ण की सुंदर आवृत्ति होने के कारण यहाँ "अनुप्रास अलंकार" है।
- चरण 1: मन के डोलने की तुलना पीपल के पत्ते से की गई है।
- चरण 2: तुलना के लिए वाचक शब्द "सरिस" (समान) का प्रयोग हुआ है।
- चरण 3: अतः यह "उपमा अलंकार" का सुंदर उदाहरण है।
D Your turn
E Ready to practise?
Key idea 1
काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्वों को अलंकार कहते हैं। अलंकार का अर्थ आभूषण है।
Key idea 2
अनुप्रास अलंकार में किसी एक वर्ण की आवृत्ति बार-बार होती है।
Key idea 3
उपमा अलंकार में दो वस्तुओं की तुलना की जाती है (वाचक शब्द: सा, सी, से, समान, सरिस)।
Key idea 4
रूपक अलंकार में उपमेय और उपमान में भेद मिटाकर एक मान लिया जाता है।
अलंकारों के प्रयोग से कविता में लय
अलंकारों के प्रयोग से कविता में लय, भाव और सौंदर्य में अद्भुत वृद्धि होती है।
