संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण की पुनरावृत्ति
"संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण की पहचान को सुदृढ़ कर वाक्यों में उनका व्याकरण सम्मत प्रयोग करना।"
A Today you'll learn
- संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण की परिभाषाओं और भेदों को भली-भाँति दोहराना
- वाक्यों में संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण शब्दों को अलग-अलग पहचानना
- व्याकरण सम्मत शुद्ध वाक्यों की रचना करना
B Let's understand
हिंदी व्याकरण में शब्दों के भेद भाषा की रीढ़ होते हैं। 1. संज्ञा: किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं (जैसे—मोहन, पुस्तक, दिल्ली, बचपन)। इसके मुख्य तीन भेद हैं: व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक। 2. सर्वनाम: संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं (जैसे—मैं, तुम, वह, हम, आप, कोई)। इसके छह भेद होते हैं। 3. विशेषण: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, रंग, संख्या, मात्रा आदि) बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं (जैसे—सुंदर, मीठा, चार, थोड़ा)। जिस शब्द की विशेषता बताई जाती है, उसे विशेष्य कहते हैं। इन तीनों का उचित प्रयोग भाषा को सशक्त बनाता है।
C See it step by step
- "बालक" और "कक्षा" संज्ञा शब्द हैं।
- "परिश्रमी" बालक के गुण को दर्शा रहा है, अतः यह विशेषण है।
- सर्वनाम शब्द: "उसने", "मुझे", "अपनी"।
- विशेषण शब्द: "नई" (जो पुस्तक की विशेषता बता रहा है)।
D Your turn
E Ready to practise?
संज्ञा नाम बताती है (व्यक्ति
संज्ञा नाम बताती है (व्यक्ति, स्थान, वस्तु, भाव)।
Key idea 2
सर्वनाम संज्ञा की पुनरावृत्ति रोकते हैं (मैं, वह, हम, आप)।
Key idea 3
विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं (गुण, रंग, आकार, संख्या)।
विशेषता पाने वाला शब्द विशेष्य कहलाता है।
विशेषता पाने वाला शब्द विशेष्य कहलाता है।
Key idea 5
व्याकरण के इन तीनों अंगों से भाषा सुंदर और शुद्ध बनती है।
