विशेषण और उसके भेद
"संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता बताने वाले विशेषण शब्दों की पहचान करें।"
A Today you'll learn
- विशेषण और विशेष्य की परिभाषा को समझना
- गुणवाचक, संख्यावाचक और परिमाणवाचक विशेषण की पहचान करना
- वाक्यों में विशेषण शब्दों का शुद्ध प्रयोग करना
B Let's understand
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, रंग, आकार, संख्या, मात्रा आदि) बताते हैं, उन्हें "विशेषण" कहते हैं। जैसे—मीठा सेब, काली बिल्ली, चार संतरे, दो लीटर दूध। जिस संज्ञा या सर्वनाम शब्द की विशेषता बताई जाती है, उसे "विशेष्य" कहते हैं (जैसे—"मीठा सेब" में मीठा विशेषण है और सेब विशेष्य है)। विशेषण हमें बताते हैं कि कोई वस्तु कैसी है, कितनी है, या किस रंग-रूप की है।
C See it step by step
- विशेषण शब्द: "तीन" (यह संख्या बता रहा है)।
- विशेष्य शब्द: "चिड़ियाँ" (क्योंकि चिड़ियों की विशेषता बताई जा रही है)।
- विशेषण शब्द: "ठंडी"।
- यह हवा का गुण और तापमान बता रहा है।
D Your turn
E Ready to practise?
Key idea 1
संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं।
जिस शब्द की विशेषता बताई जाए
जिस शब्द की विशेषता बताई जाए, उसे विशेष्य कहते हैं।
Key idea 3
विशेषण कैसा (गुण/रंग) या कितना (संख्या/मात्रा) का उत्तर देते हैं।
उदाहरण
उदाहरण: सुंदर (गुण), लाल (रंग), पाँच (संख्या), थोड़ा (मात्रा)।
Key idea 5
विशेषण के प्रयोग से वस्तु या व्यक्ति का स्पष्ट चित्र मस्तिष्क में उभरता है।
