संज्ञा और उसके भेद
"व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक संज्ञा की पहचान और उदाहरण समझें।"
A Today you'll learn
- संज्ञा की परिभाषा और पहचान को स्पष्ट रूप से समझना
- संज्ञा के तीन मुख्य भेदों (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक) में अंतर पहचानना
- वाक्यों में संज्ञा शब्दों को रेखांकित करना और उनका भेद बताना
B Let's understand
किसी व्यक्ति, प्राणी, वस्तु, स्थान या भाव के नाम को "संज्ञा" कहते हैं। जैसे—रोहन (व्यक्ति), शेर (प्राणी), पुस्तक (वस्तु), दिल्ली (स्थान), और मिठास (भाव)। कक्षा 3 में संज्ञा के तीन प्रमुख भेद सीखे जाते हैं: 1. व्यक्तिवाचक संज्ञा: जो किसी विशेष व्यक्ति, विशेष वस्तु या विशेष स्थान का बोध कराए (जैसे—सचिन, गंगा, ताजमहल, भारत)। 2. जातिवाचक संज्ञा: जो किसी पूरी जाति या वर्ग का बोध कराए (जैसे—लड़का, नदी, शहर, गाय, पेड़)। 3. भाववाचक संज्ञा: जो किसी गुण, दोष, अवस्था या मन के भाव का बोध कराए जिसे छुआ नहीं जा सकता, केवल महसूस किया जा सकता है (जैसे—बचपन, मिठास, ईमानदारी, खुशी)।
C See it step by step
- "गंगा" एक विशेष नदी का नाम है, इसलिए यह व्यक्तिवाचक संज्ञा है।
- "नदी" समस्त नदियों की जाति का बोध कराती है, इसलिए यह जातिवाचक संज्ञा है।
- बचपन जीवन की एक अवस्था और भाव है।
- इसे हम छू नहीं सकते, केवल अनुभव कर सकते हैं।
- अतः यह भाववाचक संज्ञा है।
D Your turn
E Ready to practise?
किसी व्यक्ति
किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं।
संज्ञा के तीन मुख्य भेद हैं
संज्ञा के तीन मुख्य भेद हैं: व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक।
Key idea 3
व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष नाम का बोध कराती है (जैसे—राम, हिमालय)।
Key idea 4
जातिवाचक संज्ञा संपूर्ण जाति या वर्ग का बोध कराती है (जैसे—पर्वत, बालक)।
Key idea 5
भाववाचक संज्ञा केवल अनुभव की जाने वाली भावनाओं और गुणों को दर्शाती है (जैसे—हँसी, सच्चाई)।
